Ration Card Update 2026 : मार्च से नए नियम, फ्री राशन के साथ खाते में 1 हजार रुपए

Ration Card Update 2026 राशन कार्ड भारत में राज्य सरकारों द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से सब्सिडी वाले या मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करने में मदद करता है। यह कार्ड कई भारतीयों के लिए पहचान प्रमाण के रूप में भी काम आता है।

2026 में फ्री राशन योजना की स्थिति

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत NFSA लाभार्थियों (AAY और PHH श्रेणी) को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (चावल/गेहूं) मुफ्त में मिल रहा है। यह योजना 1 जनवरी 2024 से पांच वर्षों (दिसंबर 2028 तक) के लिए बढ़ाई गई है। 2026 में भी यह सुविधा जारी है, जिससे करीब 80 करोड़ लाभार्थी प्रभावित हो रहे हैं।

मानसून और बाढ़ में तीन महीने का राशन एक साथ

मानसून सीजन (जून-अगस्त) के दौरान बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कई राज्यों में तीन महीने का राशन एक साथ वितरित करने की व्यवस्था की जाती है। बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्य में यह विशेष रूप से उपयोगी है। दरभंगा, मधुबनी, सिवान, गोपालगंज आदि जिलों में हर साल बाढ़ से राशन दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार लाभार्थियों को तीन महीने का कोटा पहले ही उपलब्ध कराती है, ताकि लंबी लाइनों और परेशानियों से बचा जा सके। यह व्यवस्था राज्य स्तर पर लागू होती है और NFSA/PMGKAY के तहत फ्री अनाज पर आधारित है।

राशन कार्ड के प्रमुख फायदे

  • सब्सिडी या मुफ्त दर पर चावल, गेहूं और अन्य अनाज प्राप्त करना।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला गैस सब्सिडी, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं में आवश्यक दस्तावेज।
  • बैंक खाता खोलना, सिम कार्ड प्राप्त करना और अन्य वित्तीय सेवाओं में पहचान प्रमाण के रूप में उपयोग।
  • गरीब और मध्यम वर्ग परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।

राशन कार्ड किसे मिलता है?

राशन कार्ड मुख्य रूप से NFSA के अंतर्गत पात्र परिवारों को जारी किया जाता है। इसमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) शामिल हैं। राज्य सरकारें आवेदन प्रक्रिया संभालती हैं। बिहार में ePoS या NFSA पोर्टल के माध्यम से आवेदन, स्टेटस जांच और डाउनलोड किया जा सकता है।

राशन कार्ड नहीं बन सकता या रद्द हो सकता है

कुछ नियमों के अनुसार:

  • यदि परिवार के नाम पर 100 वर्ग मीटर से अधिक संपत्ति (प्लॉट, फ्लैट या घर) है।
  • उच्च बिजली खपत, आय स्तर या अन्य मानदंडों पर जांच होने पर।
  • फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ 2026 में सख्त कार्रवाई चल रही है, ताकि असली जरूरतमंदों को लाभ मिले।

निष्कर्ष और सलाह

यह योजना पूरे देश में NFSA के तहत लागू है, लेकिन बिहार जैसे बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में इसका लाभ ज्यादा स्पष्ट दिखता है। यदि आपके पास राशन कार्ड है, तो नियमित e-KYC अपडेट रखें और आधिकारिक पोर्टल (जैसे nfsa.gov.in या राज्य का ePDS पोर्टल) से जानकारी जांचें। राशन कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं तो स्थानीय खाद्य विभाग या ऑनलाइन आवेदन करें।

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