बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को 1000 की आर्थिक सहायता, 3 महीने का राशन एक साथ ration card

ration card new rules 2026 : भारत में राशन कार्ड धारकों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। ये सुधार गरीब, बुजुर्ग और कमजोर वर्गों के परिवारों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से किए गए हैं। खासकर तीन महीने का राशन एक साथ मिलने की व्यवस्था ने लाखों लोगों की जिंदगी आसान बनाई है।

तीन महीने का राशन एक साथ क्यों और कैसे मिल रहा है?

केंद्र और राज्य सरकारें मानसून सीजन में परिवहन, भंडारण और वितरण की चुनौतियों को देखते हुए अक्सर तीन महीने (जैसे जून से अगस्त) का राशन मई या पहले महीने में ही एक बार में वितरित करती हैं। उदाहरण के लिए, 2025 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में यह व्यवस्था लागू की गई थी। इससे लाभार्थियों को बार-बार राशन दुकान पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। अब साल में सिर्फ 3-4 बार ही राशन उठाना पड़ता है।

यह सुविधा खासतौर पर फायदेमंद है इनके लिए:

  • बुजुर्ग (60 वर्ष से अधिक उम्र वाले)
  • दिहाड़ी मजदूर और प्रवासी कामगार
  • दूर-दराज के गांवों में रहने वाले परिवार
  • शारीरिक रूप से कमजोर या बीमार व्यक्ति, जिनके लिए लंबी कतारों में खड़ा होना मुश्किल होता है

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत NFSA के तहत आने वाले AAY (अंत्योदय अन्न योजना) और PHH (प्राथमिकता वाले घरेलू परिवार) राशन कार्ड धारकों को मुफ्त अनाज मिलता है। यह योजना 80 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करती है और मुफ्त राशन की अवधि 2024 से 5 साल के लिए बढ़ाई गई है।

बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को खास फायदा

वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह बदलाव बहुत राहतदायक है। उन्हें अब हर महीने दुकान जाने की शारीरिक मेहनत नहीं करनी पड़ती। तीन महीने का राशन एक साथ मिलने से समय, ऊर्जा और परिवहन खर्च बचता है। साथ ही, कुछ राज्यों में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए घर पर राशन पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की जा रही है, जहां कर्मचारी घर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करते हैं।

कुछ योजनाओं में बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत मासिक सहायता मिलती है, जो 1000 रुपये या इससे अधिक हो सकती है (राज्य के अनुसार अलग-अलग)। हालांकि, राशन कार्ड के साथ सीधे 1000 रुपये की अतिरिक्त सहायता हर जगह लागू नहीं है—यह राज्य-विशेष योजनाओं या पेंशन स्कीम से जुड़ा होता है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए कदम

सरकार ने PDS को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कई डिजिटल सुधार किए हैं:

  • आधार-आधारित e-KYC और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य
  • फर्जी राशन कार्ड बंद करने पर जोर
  • बिचौलियों की भूमिका खत्म
  • वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) से कहीं भी राशन उठाने की सुविधा, जो प्रवासियों के लिए बहुत उपयोगी है
  • Mera Ration ऐप और डिजिटल ट्रैकिंग से हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड

परिवारों के जीवन में क्या बदलाव आया?

  • समय और यात्रा खर्च में बचत
  • बार-बार दुकान जाने की परेशानी खत्म
  • राशन का बेहतर स्टोरेज और कम बर्बादी
  • सरकारी संसाधनों का सही और कुशल उपयोग

यह व्यवस्था राज्य स्तर पर लागू होती है, इसलिए हमेशा स्थानीय फेयर प्राइस शॉप (राशन दुकान), राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट या NFSA पोर्टल से नवीनतम जानकारी कन्फर्म करें। यदि आपके पास NFSA राशन कार्ड है, तो e-KYC अपडेट रखें ताकि राशन बिना रुकावट मिलता रहे।

यह कदम भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जन-केंद्रित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है, जो करोड़ों परिवारों को सीधा फायदा पहुंचा रहा है।

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