Ration Card New Rules 2026 फ्री राशन योजना में नया अपडेट, लागू होंगे 8 नए नियम भारत सरकार ने 2026 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। ये बदलाव मुख्य रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत मुफ्त या सब्सिडी वाले अनाज वितरण को पारदर्शी, तकनीकी और जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर केंद्रित हैं। ये नियम फर्जी लाभार्थियों को रोकने, प्रवासी मजदूरों की मदद करने और पोषण सुधार पर जोर देते हैं। यदि आपके पास राशन कार्ड है, तो इन अपडेट्स की जानकारी रखना आपके लिए फायदेमंद होगा।
1. ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य और अंतिम तिथि
सरकार ने सभी NFSA लाभार्थियों (प्राथमिकता घराने और अंत्योदय अन्न योजना वाले) के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया है। यह प्रक्रिया हर 5 साल में दोहराई जाएगी। हाल के अपडेट्स में कई राज्यों में फरवरी या मार्च 2026 तक की डेडलाइन दी गई है, लेकिन कुछ जगहों पर इसे बढ़ाया भी गया। यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई, तो राशन लाभ निलंबित हो सकता है। प्रक्रिया: नजदीकी राशन दुकान पर POS मशीन से बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या आईरिस) सत्यापन करवाएं। यह फर्जी और डुप्लिकेट कार्ड्स रोकने में मदद करता है।
2. फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक सुधार
कई लाभार्थियों, खासकर बुजुर्गों या मजदूरों के फिंगरप्रिंट ठीक से काम नहीं करते। इसलिए कुछ राज्यों में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन शुरू किया गया है। यह मोबाइल ऐप या POS डिवाइस से चेहरे की पहचान कर राशन जारी करता है। इससे प्रक्रिया आसान और सुलभ बनी है, और ONORC योजना के तहत कहीं भी राशन लेना संभव हो गया है।
3. मुफ्त राशन योजना का विस्तार (PMGKAY)
PMGKAY के तहत लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूं/चावल) मुफ्त मिल रहा है, जो NFSA के साथ जुड़ा हुआ है। यह योजना 2024 से 5 साल (2028 तक) बढ़ाई गई है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त नकद सहायता या अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं, ताकि परिवार दाल, तेल आदि खरीद सकें।
4. फोर्टिफाइड अनाज और पोषण सुधार
अब राशन में केवल गेहूं-चावल नहीं, बल्कि फोर्टिफाइड चावल (पोषक तत्वों से युक्त), आयोडीन युक्त नमक, रियायती चीनी और कुछ राज्यों में मोटे अनाज (बाजरा, रागी) शामिल किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य कुपोषण कम करना और संतुलित आहार उपलब्ध कराना है।
5. वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) का मजबूत विस्तार
यह योजना अब पूरी तरह लागू है। आधार लिंक होने पर कोई भी लाभार्थी देश के किसी भी राज्य में राशन ले सकता है। प्रवासी मजदूरों के लिए यह बहुत उपयोगी है, क्योंकि उन्हें घर राज्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
6. अपात्र लोगों पर सख्ती और आय जांच
सरकार विशेष सॉफ्टवेयर से आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी या चार-पहिया वाहन मालिकों की पहचान कर रही है। यदि कोई गलत तरीके से लाभ ले रहा है, तो कार्ड रद्द हो सकता है और जुर्माना भी लग सकता है। पात्रता: ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम और शहरी में 3 लाख से कम।
7. डिजिटल राशन कार्ड और SMS अलर्ट
राशन कार्ड अब डिजिलॉकर या सरकारी ऐप पर उपलब्ध है। भौतिक कार्ड खोने की चिंता नहीं। राशन उठाने की जानकारी SMS से मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
8. एलपीजी सिलेंडर सहायता (कुछ राज्यों में विशेष)
कुछ राज्यों (जैसे दिल्ली) में राशन कार्ड धारकों को साल में 2 एलपीजी सिलेंडर की कीमत के बराबर सहायता DBT से मिल रही है (होली और दिवाली पर)। केंद्र स्तर पर Ujjwala योजना से जुड़कर सब्सिडी मिलती है, और राशन कार्ड को गैस कनेक्शन से लिंक करना जरूरी हो सकता है।
ये बदलाव राशन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और वास्तविक जरूरतमंदों के लिए बनाते हैं। यदि आपने ई-केवाईसी या आधार लिंकिंग नहीं की है, तो तुरंत नजदीकी राशन दुकान या आधिकारिक पोर्टल (nfsa.gov.in) पर जांचें। आधिकारिक जानकारी के लिए राज्य के खाद्य विभाग या NFSA पोर्टल से संपर्क करें, क्योंकि नियम राज्य अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। इन सुधारों से सही लाभार्थी मजबूत होंगे और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।