pension scheme update: भारत में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहारा हैं। इन योजनाओं के तहत लाखों लोग अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करते हैं, खासकर जब उम्र बढ़ने के साथ कमाई के साधन कम हो जाते हैं और स्वास्थ्य व अन्य खर्च बढ़ जाते हैं। 2026 में इन योजनाओं से जुड़े अपडेट्स और संभावित बदलाव इन समूहों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कदम हो सकते हैं।
महंगाई के कारण पेंशन बढ़ोतरी की मांग क्यों तेज हुई?
पिछले कुछ वर्षों में मुद्रास्फीति ने काफी तेजी पकड़ी है। दवाइयों, राशन, सिलेंडर, बिजली और रोजमर्रा के सामान की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत वर्तमान केंद्रीय पेंशन राशि काफी कम है—वृद्धावस्था (60-79 वर्ष) के लिए ₹200/माह, 80+ के लिए ₹500/माह, विधवा (40+ वर्ष) और दिव्यांग के लिए ₹300/माह। यह राशि अब कई लाभार्थियों की न्यूनतम जरूरतें भी पूरी नहीं कर पाती। इसी वजह से पेंशन में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है। हाल के अपडेट्स में केंद्र ने राज्यों को पेंशन राशि बढ़ाने और लाभार्थी सूची अपडेट करने की जिम्मेदारी सौंपी है, क्योंकि कोई निश्चित समयसीमा नहीं है और केंद्र स्तर पर रिवीजन लंबे समय से नहीं हुआ। कई राज्य पहले से ही अतिरिक्त राशि (टॉप-अप) दे रहे हैं, जिससे कुल पेंशन ₹1,000 से ₹3,000+ तक पहुंच जाती है।
2026 में पेंशन योजनाओं के प्रमुख उद्देश्य
ये योजनाएं NSAP के अंतर्गत चलती हैं, जहां केंद्र और राज्य मिलकर योगदान देते हैं। मुख्य लक्ष्य:
- वृद्धजनों को स्वास्थ्य और दैनिक खर्चों के लिए परिवार पर कम निर्भर बनाना।
- विधवा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना।
- दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने में सहायता देना।
कई स्रोतों में 2026 के लिए संभावित बढ़ोतरी की चर्चा है, हालांकि केंद्र स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में ₹1,500-₹3,000 तक मासिक सहायता की बात कही गई है, लेकिन यह राज्य-विशेष पर निर्भर करता है।
वर्तमान पेंशन राशि और संभावित बदलाव
- केंद्र से NSAP के तहत: वृद्ध (60-79 वर्ष) – ₹200/माह, 80+ – ₹500/माह; विधवा/दिव्यांग – ₹300/माह।
- राज्यों द्वारा अतिरिक्त: कई राज्यों में कुल राशि ₹1,000-₹3,000+ तक है (उदाहरण: उत्तर प्रदेश में ₹1,000, कुछ जगहों पर बढ़ोतरी की घोषणा)।
- संभावित 2026 अपडेट: महंगाई को देखते हुए केंद्र या राज्यों से ₹1,000-₹2,000 की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे कुल ₹3,000-₹5,000 तक पहुंच सकती है। हाल ही में हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बढ़ोतरी की घोषणाएं हुई हैं। राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में आती है, जो पारदर्शी है।
पेंशन बढ़ोतरी से क्या फायदे?
- वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल और रोजाना खर्च आसानी से संभाल सकेंगे।
- विधवा महिलाएं घरेलू जरूरतों में आत्मनिर्भर बनेंगी।
- दिव्यांग व्यक्ति अधिक स्वतंत्र और सशक्त महसूस करेंगे। यह अतिरिक्त सहायता महंगाई के दौर में जीवन स्तर सुधार सकती है।
पात्रता मानदंड और जरूरी शर्तें
- वृद्धावस्था पेंशन: 60 वर्ष या अधिक उम्र, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार।
- विधवा पेंशन: 40 वर्ष या अधिक (कुछ राज्यों में 18+), पति की मृत्यु प्रमाणित।
- दिव्यांग पेंशन: 18 वर्ष या अधिक, 40% या अधिक विकलांगता प्रमाण पत्र।
- परिवार की वार्षिक आय सीमा से कम होनी चाहिए।
- आधार-लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य।
आवेदन कैसे करें और जरूरी दस्तावेज
अधिकांश राज्यों में प्रक्रिया ऑनलाइन है:
- राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग की वेबसाइट या e-District पोर्टल पर जाएं।
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक कॉपी, फोटो, विधवा के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांग के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र।
- निकटतम कार्यालय या CSC से भी आवेदन कर सकते हैं।