सरकार ने चुपचाप लागू किए बड़े बदलाव, तुरंत जानें Ration Card New Rules March

Ration Card New Rules March : दिल्ली सरकार ने हाल ही में दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026 को नोटिफाई किया है, जिसके तहत पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (PDS) में बड़े बदलाव किए गए हैं। ये नियम नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 के तहत लागू हुए हैं और इनका मकसद सब्सिडाइज्ड खाद्यान्न को ज्यादा पारदर्शी, टारगेटेड और जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। लाखों परिवारों पर इन बदलावों का सीधा असर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं या पहले से लाभ ले रहे हैं।

आय सीमा में बढ़ोतरी: अब 1.20 लाख रुपये तक वाले परिवार पात्र

एक महत्वपूर्ण राहत यह है कि राशन कार्ड के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे उन हजारों परिवारों को फायदा होगा जो पहले आय सीमा के कारण बाहर रह जाते थे। अब सालाना 1.20 लाख रुपये तक कमाई वाले परिवार प्राथमिकता श्रेणी में आ सकते हैं और सब्सिडाइज्ड अनाज प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल: ऑफलाइन आवेदन नहीं होंगे स्वीकार

नए नियमों के अनुसार, नए राशन कार्ड के लिए आवेदन अब केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (edistrict.delhigovt.nic.in) के माध्यम से परिवार के मुखिया द्वारा जमा किया जाएगा। जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:

  • दिल्ली रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (सेल्फ-डिक्लेरेशन की जगह अनिवार्य)
  • परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर और विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र
  • स्व-घोषणा कि परिवार बहिष्करण मानदंडों में नहीं आता

पहले आओ पहले पाओ सिस्टम खत्म, अब जिला समिति तय करेगी प्राथमिकता

पुरानी ‘फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व’ व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब आवेदनों की जांच और प्राथमिकता तय करने का काम जिला स्तर की समिति करेगी। यह समिति जिलाधिकारी या अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी, जिसमें स्थानीय विधायक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। समिति सबसे जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देगी। साथ ही, 20% आवेदकों की वेटिंग लिस्ट भी तैयार की जाएगी ताकि रिक्तियां होने पर तुरंत भरा जा सके।

बहिष्करण मानदंड: इन परिवारों को राशन कार्ड नहीं मिलेगा

कुछ श्रेणियों के परिवार अब पात्र नहीं होंगे। यदि परिवार में कोई सदस्य:

  • दिल्ली की A से E कैटेगरी की कॉलोनियों में संपत्ति का मालिक है
  • आयकर रिटर्न भरता है
  • चार पहिया वाहन (फोर-व्हीलर) का मालिक है (सिवाय आजीविका के लिए इस्तेमाल होने वाले एक कमर्शियल वाहन के)
  • सरकारी या सरकारी से जुड़े संस्थान में कर्मचारी है
  • घर में 2 किलोवाट से ज्यादा का बिजली कनेक्शन है
  • किसी अन्य केंद्रीय या राज्य योजना से खाद्य सब्सिडी ले रहा है

तो ऐसे परिवार राशन कार्ड के लिए अयोग्य माने जाएंगे।

परिवार की मुखिया: अब सबसे बड़ी महिला सदस्य

एक प्रगतिशील बदलाव के तहत राशन कार्ड में परिवार की मुखिया को सबसे बड़ी महिला सदस्य माना जाएगा। यदि परिवार में एकमात्र महिला सदस्य 18 साल से कम उम्र की है, तो वयस्क होने तक सबसे बड़े पुरुष सदस्य को मुखिया माना जाएगा। मुखिया की मृत्यु होने पर अगली सबसे बड़ी महिला सदस्य नए मुखिया के रूप में आवेदन कर सकती है।

शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत

शिकायतों के लिए दो स्तर की व्यवस्था की गई है। गंभीर शिकायतें (जैसे दुकान न खुलना या कम वजन का सामान) 2 से 24 घंटे में सुलझाई जाएंगी, जबकि अन्य शिकायतों का निपटारा 15 दिनों में होगा। अनसुलझे मामलों को जिला शिकायत अधिकारी के पास भेजा जा सकता है और फिर 30 दिनों में राज्य खाद्य आयोग में अपील की जा सकती है।

लंबित आवेदनों का समाधान और खाली स्लॉट्स

दिल्ली में पहले से लाखों आवेदन लंबित थे। सरकार के अनुसार, अब 8 लाख से ज्यादा राशन कार्ड स्लॉट खाली हैं, जिन्हें जल्द आवंटित किया जाएगा। नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिलेगी।

ये बदलाव दिल्ली के पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि आप पात्र हैं, तो जल्द से जल्द ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करें। आधिकारिक जानकारी के लिए दिल्ली फूड सप्लाई विभाग की वेबसाइट (fsd.delhi.gov.in) चेक करें।

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